Wednesday, December 13, 2017

Windmill Children Festival 2017, Mumbai


Windmill Festival (16-17 December 2017), India's first ever International Children's festival is here! Tinkle and Amar Chitra Katha are going to be there with so many fun workshops! Visit bit.ly/2xyJnjL to book your tickets today!

Jio-Garden, BKC, C-WING, Bharat Nagar Road, G Block, Block BKC, Bandra Kurla Complex, Bandra East, Mumbai, Maharashtra 400051, India
Facebook: @windmillfestival
Instagram: @windmill_fest
Twitter: @windmillfest
#event #fest #kids #india

Monday, December 11, 2017

Nagraj Cosplay


Nagraj (Raj Comics) Cosplay - Rudra Rajpoot, Event - Nagraj Janmotsav, 07 December 2017. #comics #cosplay #indiancomics #nagraj #rajcomics

Tuesday, December 5, 2017

Cosplay scene in India


टेलीविजन, किताब, कॉमिक, एनिमेशन, वीडियो गेम जैसे माध्यमों के किसी चर्चित किरदार जैसा श्रृंगार और वेशभूषा अपनाने को कॉस्प्ले कहा जाता है। पिछले 4-5 वर्षों में भारतीय कॉस्प्ले कम्युनिटी काफी बड़ी हो गयी है। बड़े शहरों में कॉस्प्ले क्लब हैं, कुछ कॉसप्लेयर्स के प्रशंसकों की संख्या दस हज़ार पार कर चुकी है और तेज़ी से बढ़ती जा रही है। अब कॉमिक कॉन ही नहीं महानगरों में होने वाले कई आयोजनों में कॉस्प्ले कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं शामिल की जाती हैं। कॉमिक कॉन में आने वाले कॉसप्लेयर्स की संख्या तो इतनी अधिक है कि फिल्म, कॉमिक्स, वीडियो गेम आदि श्रेणी के अनुसार अलग-अलग विजेता घोषित किये जाते हैं, वो भी कॉन के 3 दिनों में हर दिन अलग प्रतियोगिता। भारत में आयोजित कॉस्प्ले प्रतियोगिताओं को जीत कर समीर बुंदेला यू.एस.ए. और आकांक्षा सचान जापान में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। भारतीय कॉमिक किरदारों पर कॉस्प्ले की जो कुछ कोशिशें हुई वो तारीफ़ लायक थीं पर उनको निरंतर कॉसप्ले करने वाले प्रशंसकों ने नहीं किया था; इसलिए उन अच्छे प्रयासों में पूर्णता, गहन डिटेलिंग नहीं लगी। आगे हो सकता है विविधता खोजता कोई नामी कॉसप्लेयर किसी भारतीय सुपरहीरो का कॉसप्ले करे पर क्या उस से पहले इतनी बड़ी कम्युनिटी से एक प्रशंसक ऐसा कॉसप्ले नहीं कर सकता जिसे देख कर यह ना बोलना पड़े कि "चलो किसी ने इन किरदारों पर ट्राई तो किया, वैरी गुड!" बल्कि अपने-आप मुँह से निकले "अरी मईया री...देखो मुझे मौत आ गयी ये कॉस्प्ले देखकर!" है कोई इस चैलेंज को एक्सेप्ट करने वाला/वाली? :)
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Pic - Cosplayer IMJM

Sunday, October 29, 2017

Categories: Indian Comics Fandom Awards 2017 #ICFA_2017


Indian Comics Fandom Awards 2017 Categories

*) – Best Blogger-Reviewer
*) – Best Cartoonist 
*) – Best Colorist 
*) – Best Comics Collector
*) – Best Fanfiction Writer 
*) – Best Fan Artist
*) - Best Fan Work (Comic, Video, Music etc)
*) - Best Webcomic
*) - ICF Hall of Fame

ICF Awards 2017 results to be calculated based on previous awards polls, nominations. Cosplay category discontinued after no recorded cosplay on any character from Indian Comics universe 2 years in a row. No category-wise separate polls this year. However, you can still nominate a fan or artist in these categories. Your nomination mail/message equals to one vote. Email nominee's name, category (maximum 3 category nominations for 1 person) - letsmohit@gmail.com or inbox us (Indian Comics Fandom), Deadline is Tuesday, 31 October 2017
Image Credit - Vector Open
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#freelance_talents #icfawards #indiancomics #indiancomicsfandom #ICFA_2017 #freelancetalents #comics #art

Tuesday, October 24, 2017

7th Heaven Series (Inderjit Comics)

Bombay Boulevard (Issue 1)

Issue 2


Credits

Head of Inderjit Comics - Eric Raisinghani and Abhay Raj Kanwar (2013)

Monday, September 18, 2017

Camlin Supercops (Tinkle)


Camlin Supercops Adventure (Tinkle Magazine)


This month's episode will see the Camlin Supercops give the test of their lives! Say hello to THE EXAMINATOR! This tyrannical half-robot, half-man, full-villain is out to end the Camlin Supercops once and for all, with a tirade of tiresome questions! Oh, and LASERS! Read the latest episode of @Kokuyo Camlin Supercops

Comics Memories (Deepak)

Courtesy - Mr. Deepak Jangra, Group - Comics Fans Society

मित्रों जब मैं छोटा था तब मेरे पिताजी हर रविवार को दैनिक ट्रिब्यून अखबार लेकर आते थे। उस अखबार में एक 4 रविवारीय पृष्ठ होते थे। उन्ही में से एक पृष्ठ पर डायमण्ड कॉमिक्स के पात्र रमन की एक कहानी होती थी। कॉमिक्स से सर्वप्रथम परिचय मेरा इसी माध्यम से हुआ। हमारे परिवार में मेरे चाचा जी भी कॉमिक्स पढ़ते थे जो की आज भी मुझसे लेकर पढ़ते हैं। उन्ही की लाई हुई 2 कॉमिक्स घर पर पड़ी रहती थी जिनके नाम मुझे अबतक याद हैं दोनों मनोज कॉमिक्स थी। एक थी हवलदार बहादुर और चिन चिन पोटली और दूसरी थी अजगर का संसार।

मुझे आज भी याद है की जब अजगर का संसार कॉमिक्स के कवर पृष्ठ के अंदर की ओर टोटान की आगामी कॉमिक्स का कवर छपा होता था जिसमे टोटान को तो बांध रखा होता है और उसके सामने एक मकड़ी जैसा प्राणी होता है, ईसके अलावा और भी भुतहा चित्र होते हैं, उन चित्रों को जब भी मैं देखता था तब मुझे एक अलग ही दुनिया का, एक अलग ही संसार का अहसास होता था। यकीनन वो कॉमिक्स का ही संसार था, कॉमिक्स की ही दुनिया थी वो। उपरोक्त दोनों कॉमिक्स में से मैने हवलदार बहादुर और चिन चिन पोटली पढ़ी थी। उस कॉमिक्स की कहानी के मुख्य बिंदु आज भी मुझे याद हैं। बेदी जी द्वारा किया गया चित्रांकन, उटपटांग चेहरे और उन पर की गई अलग अलग रंगों से कलरिंग ने इस कदर दिलोदिमाग पर अपनी छाप छोड़ी थी की आज तक मैं उन्हें भूल नही पाया हूँ। मेरे कॉमिक्स प्रेम के प्रति मेरे घरवालों का जो नजरिया था वो बाकि कॉमिक्स प्रेमियों से अलग नही था। यानि की नजरिया नकारात्मक था। घरवालों की नजर में कॉमिक्स एक समय को बर्बाद करने वाली और पढ़ाई से दूर ले जाने वाली चीज थी। घरवालों के इसी नजरिये के कारण ही कई बार कॉमिक्स छुप कर पढ़नी पड़ती थी और छुपाकर रखनी पड़ती थी। कई बार घरवालों मेरी कई कॉमिक्स जब्त भी की जो की फिर कभी भी मुझे प्राप्त नही हुई। अब घरवालों का नजरिया पहले जैसा नही है यही कारण है मेरा कॉमिक्स कलेक्शन घर पर सुरक्षित है।

कॉमिक्स कलेक्शन की अगर बात की जाए तो बचपन में सिर्फ कॉमिक्स पढ़ने पर ही जोर दिया था मैने, क्योंकि उस समय उतने पैसे नही होते थे की अपना कलेक्शन किया जाए। फिर बीच में मैं कॉमिक्स से थोड़ा दूर हो गया था। 2014 में मैने कलेक्शन फिर से शुरू किया। मेरी पसन्दीदा कॉमिक्स कम्पनी की अगर बात की जाए तो मुझे अब तक प्रकाशित कॉमिक्स के आधार पर मनोज और राज ही सबसे अच्छी लगती हैं। राज कॉमिक्स को मैं पसन्द करता हूँ सुपरहीरोज, थ्रिल हॉरर सस्पेंस, जनरल कॉमिक्स के कारण और मनोज कॉमिक्स को उनकी नॉन हीरोज कहानियों और हवलदार बहादुर, क्रुकबांड आदि कॉमेडी करेक्टर्स के कारण। मेरे कॉमिक्स कलेक्शन में मुझे कॉमिक्स की संख्या तो पता नही है क्योंकि गिने हुये काफी दिन हो गए हैं फिर भी इतना मैं कह सकता हूँ की मेरे कलेक्शन में 1200 से ज़्यादा कॉमिक्स हैं। आज कॉमिक्स संस्कृति की जो हालत है वो उतनी अच्छी तो नही है जितनी पहले होती थी। पाठक बहुत कम हो गए हैं। बिक्री भी उसी अनुपात में घटी है। मनोज, तुलसी आदि कम्पनियाँ बन्द हो चुकी हैं। पाइरेसी ने भी कॉमिक्स इंडस्ट्री का काफी नुकसान किया है। कॉमिक्स संस्कृति के इस हाल के लिये कॉमिक्स कम्पनियों के मालिक लोग भी उत्तरदायी हैं जो वो समय के साथ नही चले। अगर समय के साथ वो कॉमिक्स को कागज के पन्नों से निकाल कर छोटे और बड़े पर्दे पर लेकर जाते तो कॉमिक्स संस्कृति की ये हालत नही होती। वैसे अभी भी देर नही हुई है। हमें आभारी होना चाहिये मित्रों राज कॉमिक्स का जो वो आज भी पाठकों की कम संख्या होने के बाद भी कॉमिक्स का प्रकाशन कर रहे हैं। और अब तो उन्होंने app बनाकर टेकनोलॉजी के साथ भी कदम मिलाकर चलना शुरू कर दिया है। जल्द ही YouTube पर हमें आदमखोर हत्यारा कॉमिक्स पर आधारित फ़िल्म आदमखोर भी देखने को मिलने वाली है। आशा करता हूँ की राज कॉमिक्स अपने इन प्रयासों से भारत में कॉमिक्स संस्कृति वही समृद्धि और वही लोकप्रियता दिलाने में सफल हो जाएगी जो कभी पहले होती थी, शायद समृद्धि और लोकप्रियता पहले से भी ज़्यादा हो जाए। हमे भी राज कॉमिक्स का सहयोग करना चाहिये। कॉमिक्स संस्कृति को समृद्ध बनाने के लिये हमे पाइरेसी का विरोध करना चाहिये और कॉमिक्स हमेशा खुद भी खरीद कर पढ़नी चाहिये और दूसरों को भी खरीद कर पढ़ने के लिये प्रेरित करना चाहिये।